मुंशी प्रेमचंद की कहानियां सुनें



Hindi Audiobooks of Munshi Premchand Short Stories for Children

आज भी हिन्‍दी साहित्‍य में मुंशी प्रेमचंद सर्वाधिक पढ़े जाने वाले लेखकों में से हैं। जब भी किसी बुक स्‍टॉल या ऑनलाइन स्‍टोर पर उनकी कोई किताब नजर आ जाती है तो फिर से उसे पढ़ने का मन करता है। हिन्‍दी में प्रेमचंद जैसा शायद ही कोई लेखक होगा जिसकी लो‍कप्रियता किसी विशेष उम्र वर्ग की मोहताज नहीं। बच्‍चे भी उनकी कहानियॉं उतने ही शौक से पढ़ते हैं और बड़ों में भी उनके उपन्‍यास और कहानियां खासतौर पर लोकप्रिय हैं। उनकी भाषा में, किरदारों में जो सादापन है वही उनकी रचनाओं की विशेषता है। अपने लेखन के माध्‍यम से उन्‍होंने आम जनता के मन में जो पैठ बनाई वो आजादी के पहले के समय से लेकर आज 21वीं सदी तक कायम है। 



बच्‍चों के लिए हिन्‍दी भाषा को जानने, समझने और सीखने का माध्‍यम तो हैं ही उनकी रचनाएं इसके अलावा शिक्षाप्रद होना भी उनकी अपनी विशेषता है- चाहे ईद हो या पंच परमेश्‍वर, बूढ़ी काकी हो या बड़ भाईसाहब। आजकल बाल-साहित्‍य भले कम लिखा जा रहा हो पर आज भी उनकी कहानियां इंसानी रिश्‍तों की समझ और संवेदनाओं के बीज बच्‍चों के मन में बड़ी सहजता से बो देती हैं। अंग्रेजी शिक्षा और खासतौर से व्‍यावसायिक शिक्षा के हावी होने के इस दौर में बच्‍चों के लिए अपनी भाषा और विरासत से जोड़े रखने का माध्‍यम हैं ये रचनाएं। तकनीक के इस उन्‍नत दौर में किताबों के अलावा और भी माध्‍यम शिक्षा और मनोरंजन के लिए प्रयोग किये जा रहे हैं ऑडियोबुक्‍स भी एक ऐसा ही माध्‍यम है। खासकर बच्‍चों को ये खासतौर पर पसंद आयेगा और इस बहाने वे अपनी भाषा अपने साहित्‍य से नजदीकी रिश्‍ता बना सकेंगे।

यहॉं पर हम मुंशी प्रेमचंद की कुछ कहानियों के ऑडियो लिंक दे रहे हैं जिन्‍हें या तो आप ऑनलाइन सुन सकते हैं या उन्‍हें सेव करके ऑनलाइन सुन सकते हैं और दूसरों से शेयर भी कर सकते हैं-

मंदिर

गुल्‍ली डंडा

बड़े भाईसाहब

ठाकुर का कुआं

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